Wednesday, April 6, 2011

दोस्ती

झूठी मुस्कराहट से ज़िन्दगी नहीं होती
उम्र बिताना भी
तो ज़िन्दगी नहीं होती

मिटाना खुदको पड़ता है दोस्ती में
सिर्फ दोस्त कह देना तो दोस्ती नहीं होती

गम में हो साथ उसको कहते दोस्ती
मैं हूँ कह देने से दोस्ती नहीं होती

हर हाल में निभाना है सची दोस्ती
कह कर मूह कर जाना दोस्ती नहीं होती

लोग बहुत मिल जायेंगे तुम्हे रह में
पर साब की मणि जैसी दोस्ती नहीं होती

रहे दोस्त हमारे खुश दुआ सदा मेरी
दुआओं की मणि से कभी कमी नहीं होती !

11 comments:

monali said...

Very true :)

sushma 'आहुति' said...

रहे दोस्त हमारे खुश दुआ सदा मेरी
दुआओं की मणि से कभी कमी नहीं होती ... bhut khubsurat panktiya hai... !

Dilbag Virk said...

मिटाना खुदको पड़ता है दोस्ती में
सिर्फ दोस्त कह देना तो दोस्ती नहीं होती
bahut khoob
AGAZAL

रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" said...

क्रान्ति का बिगुल बजाये

जनकल्याण हेतु अपनी आहुति जरुर दें.

हर वो भारतवासी जो भी भ्रष्टाचार से दुखी है, वो देश की आन-बान-शान के लिए समाजसेवी श्री अन्ना हजारे की मांग "जन लोकपाल बिल" का समर्थन करने हेतु 022-61550789 पर स्वंय भी मिस्ड कॉल करें और अपने दोस्तों को भी करने के लिए कहे. यह श्री हजारे की लड़ाई नहीं है बल्कि हर उस नागरिक की लड़ाई है जिसने भारत माता की धरती पर जन्म लिया है.पत्रकार-रमेश कुमार जैन उर्फ़ "सिरफिरा" सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना हैं ज़ोर कितना बाजू-ऐ-कातिल में है.

Hema Nimbekar said...

bahut khub...

Vijai Mathur said...

सही अभिव्यक्ति है.

डॉ० डंडा लखनवी said...

माननीया मनप्रीत कौर जी!
बेहतरीन गजल को प्रस्तुति की लिए आभार।
और मेरे ब्लाग पर पधारने के लिए साधुवाद।
=============================
थू-थू, थू-थू, थू-थू, थू।
राजनीति में ये बदबू॥

नेतागीरी धंधा क्या-
उसमें क्या रक्खे लड्डू?

धोती और लंगोटी पे-
क्यों तुम जीते थे बापू?

तुमने सत्याग्रह रक्खा-
वो रखते कट्टे- चाकू?
================
सद्भावी -डॉ० डंडा लखनवी

जयकृष्ण राय तुषार said...

क्या खूब लिखा है मनप्रीत जी आपने बधाई और शुभकामनाएं |मेरे ब्लॉग पर एक रूमानी गीत आपके कमेंट्स के इंतजार में है |आपका दिन शुभ हो |

AJMANI61181 said...

झूठी मुस्कराहट से ज़िन्दगी नहीं होती
उम्र बिताना भी तो ज़िन्दगी नहीं होती

मिटाना खुदको पड़ता है दोस्ती में
सिर्फ दोस्त कह देना तो दोस्ती नहीं होती


hasne se kabhi khushi nahi hoti,
jine se kabhi jindagi nahi hoti,
apne se jyaada khayal rakhna padta hai dost ka, sirf dost keh dene se dosti nahi hoti. ...


ye ek sms hai aap mehnat kar line likhe to hum saahitya kaaro ko khusi hogi
charandeep ajmani pithora

चरणदीप अजमानी, पिथोरा 9993861181
Ajm.charan@gmail.com
Ajmani61181.blogspot.com

सारा सच said...

अच्छे है आपके विचार, ओरो के ब्लॉग को follow करके या कमेन्ट देकर उनका होसला बढाए ....

veerubhai said...

"har ehsaas maarke mushkil se khud ko jeenaa sikhlaayaa hai "
sundar bhaav abhiyakti .
veerubhai

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