Thursday, March 31, 2011

याद तेरी आने लगी

जब जब दिल को बीते दिनों की याद लगी आने
तब तब तनहा रतियाँ मेरी लगी म्हेकने !

धड़कने धरकती है तेज़ जब देखू तुझे
ख्वाबों में तेरी सूरत जो लगी सामने

छुआ तेरी उँगलियों ने गालों को ऐसे की
नज़रें हमारी झुकी और लगी शरमाने

तड़पता है दिल हर पल साथ के लिए तेरे
आब तो यह जुदाई मुझको है लगी तडपाने

तेरे प्यार का नशा यूँ चरा है मुझे
यादें तेरी आज मुझको है लगी बहकाने !

14 comments:

sushma 'आहुति' said...

bhut hi khubsurat...

Hema Nimbekar said...

छुआ तेरी उँगलियों ने गालों को ऐसे की
नज़रें हमारी झुकी और लगी शरमाने

bahut khub...

Vijai Mathur said...

आपकी पिछली कवितायें भी बहुत अच्छी हैं .हिन्दी भी आपकी बढ़िया है.

Sawai Singh Rajpurohit said...

जब जब दिल को बीते दिनों की याद लगी आने
तब तब तनहा रतियाँ मेरी लगी म्हेकने !

धड़कने धरकती है तेज़ जब देखू तुझे
ख्वाबों में तेरी सूरत जो लगी सामने

इस कविता के लिए मेरे पास सिर्फ एक ही शब्द है .....लाजवाब

Patali-The-Village said...

लाजवाब|
नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ| धन्यवाद|

आलोक मोहन said...

तेरे प्यार का नशा यूँ चरा है मुझे
यादें तेरी आज मुझको है लगी बहकाने !
बहुत ही बढ़िया
शुभ कामनाये

Dilbag Virk said...

तड़पता है दिल हर पल साथ के लिए तेरे
आब तो यह जुदाई मुझको है लगी तडपाने
bahut badhiya
gazal

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

अरे वाह!
आप तो शायरी भी बहुत उम्दा लिखती हैं!
अब आपके यहाँ आना लगा रहेगा!
--
नव सम्वतसर-2068 की आपको बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

Poorviya said...

नवसंवत्सर की हार्दिक शुभकामनाएँ|

badhai ho...

jai baba banaras...

दिगम्बर नासवा said...

तड़पता है दिल हर पल साथ के लिए तेरे
आब तो यह जुदाई मुझको है लगी तडपाने ...

प्यार का नशा ऐसे ही चॅड के बोलता है ....

Kannan said...

Very nice post.

जाट देवता (संदीप पवांर) said...

लगता है कि अब तुम्हे भी हो गया ???

जयकृष्ण राय तुषार said...

बहुत सुंदर गज़ल बधाई मनप्रीत कौर जी शुभकामनाएं |

Anonymous said...

vaah ji vaah

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