Wednesday, March 23, 2011

तेरी चाहत सनम

कैसी तेरी चाहत हमपे ज़ुल्म धाती है
नींद भी अब हमको नहीं आती है

कैसी यह उल्फत सितम इस जान पे करती है
प्यारे प्यारे ख्वाब आपके ले आती है

आइना हम जब भी देखते हैं तो
तस्वीर तेरी आँखों मैं नज़र आती है

कैसी यह आहात हर पल हमे सताती है
दिल जब धड़का है आपका आवाज यहाँ आती है

हवा जब जब छू के गुज़रे आपको
महक आपकी मुहोबत की यहाँ ले आती है !

15 comments:

Indranil Bhattacharjee ........."सैल" said...

कैसी तेरी चाहत हमपे ज़ुल्म धाती है
नींद भी आब हमको नहीं आती है

बहुत खूब !

Hema Nimbekar said...

loved ur post..Ur first two lines always took my heart dear....

abhishek said...

ACCHA HAI...

GOOD EVENING..

अरूण साथी said...

यही मोहब्बत है। दिल से लिखी कविताऐं। बधाई। आशा है आगे भी इसी तरह की रचनाऐं पढ़ने को मिलेगी।

सदा said...

बहुत खूब ...।

Manpreet Kaur said...

@thanx hema ji

Manpreet Kaur said...

@ thanx 2 all my friends

anu said...

हवा जब जब छू के गुज़रे आपको
महक आपकी मुहोबत की यहाँ ले आती है !


बहुत खूब ....मीठे प्यारे अहसासों से भरी गजल ...

Manpreet Kaur said...

thanx anu ji

Udan Tashtari said...

बहुत बेहतरीन....

हवे अ गुड डे :)

Sunil Kumar said...

आइना हम जब भी देखते हैं तो
तस्वीर तेरी आँखों मैं नज़र आती है
बेहतरीन....बहुत खूब

pragya said...

"आइना हम जब भी देखते हैं तो
तस्वीर तेरी आँखों मैं नज़र आती है

कैसी यह आहात हर पल हमे सताती है
दिल जब धड़का है आपका आवाज यहाँ आती है"

बहुत ख़ूबसूरत पंक्तियाँ..

Patali-The-Village said...

बहुत बेहतरीन पंक्तियाँ| धन्यवाद|

amrendra "amar" said...

"आइना हम जब भी देखते हैं तो
तस्वीर तेरी आँखों मैं नज़र आती है

कैसी यह आहात हर पल हमे सताती है
दिल जब धड़का है आपका आवाज यहाँ आती है"
her sabd kahi na kahi khud me puri kahani samte hai ...sunder prastuti ke liye shukriya

AJMANI61181 said...

कैसी तेरी चाहत हमपे ज़ुल्म धाती है

julm dhaati hai

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